शिव धनुष को सीता के स्वयंवर तक कौन उठा कर लाया था

Shiv Dhanush ko Sita swayamvar tak kon laya

आपके दिमाग में ये सवाल जरूर आया होगा की जिस धनुष को बड़े से बड़े राजा-महाराजा और स्वयं माता सीता के पिता राजा जनक तक नहीं उठा पाए तो उस धनुष को स्वयंवर तक कौन उठा कर लाया था!

आइये जानते है शिव धनुष की पूरी कहानी

क्या हैं शिव धनुष की कहानी

विश्वकर्मा द्वारा दो शक्तिशाली धनुष का निर्माण किया गया था जिसमे से एक धनुष जिसका नाम पिनाक था उसे भगवान शिव को दिया गया और दूसरा धनुष जिसका नाम शारंग था उसे भगवान विष्णु को दिया गया!

महाराज जनक के पास कैसे आया शिव धनुष

शिव धनुष राजा जनक को उनके वंशजो से प्राप्त हुआ था!

स्वयं देवताओ द्वारा राजा जनक के वंशजो को शिव धनुष दिया गया था और देवताओ को ये धनुष स्वयं भगवान भोलेनाथ ने दिया था!

क्या है माता सीता स्वयंवर की कहानी

एक बार बचपन में खेलते हुए माता सीता ने अनजाने मे उस मेज़ को एक हाथ से उठा दिया जिस पर ये शिव धनुष पिनाक रखा था!

जिस धनुष को उठाने के लिए बड़े-बड़े सुरमा के पसीने छूट जाते थे उस धनुष को माता सीता ने बाल्यकाल में एक हाथ से ही उठा दिया!

ये देख कर सब लोग हैरान हो गए क्योंकि शिव धनुष “पिनाक” को उठाने के लिए बड़े बड़े सुरमा पस्त हो जाते थे और सीता माता ने अपने बचपन में उस धनुष को सिर्फ एक हाथ से ही उठा दिया था!

जब मिथिला नरेश महराज जनक ने ये सब देखा तो उन्होंने घोषणा कर दी कि सीता से उसी का विवाह होगा जो भगवान शिव के इस धनुष को उठा कर इसकी प्रत्यंचा को चढ़ा देगा!

शिवधनुष को स्वयंवर तक कौन ले कर आया

अब जब माता सीता विवाह के योग्य हुई तो उनके स्वयंवर के लिए शिव धनुष को उठा कर लाने के लिए सब चिंतित हुए की कौन इस धनुष को उठा कर राज सभा में लाएगा!

परन्तु महाराजा जनक को ये बात पता थी की माता सीता इस धनुष को आसानी से उठा सकती हैं और वो धनुष को स्वयंवर के लिए राज सभा में ले कर आई!

अंत में सीता स्वयंवर में किसने उठाया शिव धनुष को

भगवान विष्णु जी अवतार प्रभु श्री राम जी ने सीता स्वयंवर में इस शिव धनुष को एक हाथ से उठा कर सबको चौंका दिया था और बाद में जब वो इसकी प्रत्यंचा चढाने लगे तो ये धनुष टूट गया था!

इसके बाद प्रभु श्री राम का विवाह माता सीता से हुआ और उनके छोटे भाई लक्ष्मण का विवाह राजा जनक की छोटी बेटी और माता सीता की छोटी बहन उर्मिला से हुआ!

पति का नामपत्नी का नाम
रामसीता
भरतमांडवी
लक्ष्मणउर्मिला
शत्रुघनश्रुतकीर्ति

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